Dharmaत्यौहार

दिवाली भारत वर्ष में सबसे लोकप्रिय त्योहारों में से एक हैं

Diwali : जैसा की हिंदू धर्म के सबसे लोकप्रिय त्योहारों में से एक दीपावली आध्यात्मिक “अंधेरे व प्रकाश की जीत हो,बुराई पर अच्छाई हो और अज्ञान पर ज्ञान हो ” का प्रतीक माना जाता है | दीवाली को लोग आम तौर पर पांच दिनों तक हिंदू चन्द्र-सौर महीने कार्तिका (मध्य अक्टूबर के बीच मध्य नवंबर) को मानतें है । इस त्योहार में व्यापक रूप से लक्ष्मी, समृद्धि की देवी, सीता और राम, विष्णु, कृष्ण, यम, यमी, दुर्गा, काली, हनुमान, गणेश, कुबेर, धन्वंतरी, या विश्वकर्मन भगवान को प्रशन किया जाता है, और इसी दिन भगवान राम, उनकी पत्नी सीता और लक्ष्मण रावण को हरा कर साथ ही 14 साल की वनवाश को काट अयोदध्या को पहुचें थे जिस ख़ुशी में नारवाशियों ने पूरी अयोध्या को सजा दिया और उसी समय से भारत वर्ष में दिवाली का त्यौहार को लोग खूब धूम धाम से पनातें आ रहें है

एक पौराणिक कथा में बताया गया भी है इसी दिन भगवान विष्णु ने हिरन कश्यप का वध किए थे इस लिए प्रजाओ ने इस देत्य का विनाश होने के ख़ुशी में घी के दिए जला कर दिवाली की ख़ुसिया मनाएं थे, और जब सारा राक्षसों का विनाश हो गया और फिर भी माँ काली का क्रोध कम नहीं हो रही थी तब भोले शिव माँ काली के चरणों में लेट गएँ थे ज्यो ही माँ काली शिव के सीनें पर पेड रखी उनके जीभ निकल पड़ी और फिर जाकर महाकाली का क्रोध सांत हुआ और इसी की यादो में सांति रूप माँ लक्ष्मी की पूजा की जाती है और साथ ही इसी रात्री को माँ काली को भी पूजा जाता है |

दीपावली के इस ख़ुशी के दिन लोग अपने अच्छे नए कपड़े भी पहनते हैं, अपने अपने घरों के अन्दर और बाहरी हिस्सों को दीयों पर  रंगोली से सजाते भी हैं साथ ही प्रदर्शन करते हैं साथ ही सुख और समृद्धि, धन के लिए देवी लक्ष्मी की पूजा करते हैं, हल्की आतिशबाजी, और पारिवारिक दावतों में हिस्सा लेते हैं, जहाँ मिठाई और उपहार बाँटे जाते हैं। दीवाली भी हिंदू और जैन के लिए एक प्रमुख सांस्कृतिक कार्यक्रम है भारतीय उपमहाद्वीप से प्रवासी लोग बड़े धूम धाम से मानतें है, दिवाली की अगुवाई में, सेलिब्रिटी अपने घरों और कार्यस्थलों को दीया तेल के लैंप और रंगोली से साफ-सफाई, पुनर्निर्मित और सजाकर तैयार भी करतें है दिवाली में पटाखें भी जलातें है |

पांच दिन तक चलने वाले इस उत्सव की शुरुआत भारतीय उपमहाद्वीप में हुई और इसका उल्लेख शुरुआती संस्कृत ग्रंथों में मिलता है। धनतेरस या क्षेत्रीय समतुल्य के साथ दशहरा (दसारा, दसैन) त्यौहार के बीस दिन बाद आम तौर पर दीपावली मनाई जाती है, जब त्यौहार के दिन अपने घरों की सफाई करके और फर्श पर सजावट बनाकर रंगोली बनाते हैं । दूसरा दिन नारका चतुर्दशी है । तीसरा दिन लक्ष्मी पूजा का दिन और पारंपरिक महीने की सबसे काली रात है। भारत के कुछ हिस्सों में, लक्ष्मी पूजा के बाद के दिन को गोवर्धन पूजा और बलिप्रतिपद के साथ चिह्नित किया जाता है।। कुछ हिंदू लोग अंतिम दिन को भाई दूज या क्षेत्रीय समतुल्य के रूप में चिह्नित करते हैं | दिवाली के पीछे और कई लम्बी कहानिया है जो अगले किसी दुसरे लेख में जानेंगे |

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